असम के कामाख्या मंदिर में वार्षिक अंबुबाची महायोग उत्सव की शुरुआत हो गई है. यह देवी पर्व कामाख्या के वार्षिक रजस्वला काल का प्रतीक माना जाता है और देवी नारी शक्ति के उत्सव के रूप में मनाया जाता है. देश के 51 शक्तिपीठ इस पवित्र मंदिर में अगले तीन दिन तक विशेष धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होंगे, जो मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बंद रहेंगे. कपाट बंद होने से पहले हजारों भक्तों ने दर्शन कर पूजा की- आशीर्वाद की. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में धरती की उर्वरता बढ़ती है. 26 जून को विशेष पूजा और स्नान अनुष्ठान के बाद मंदिर के द्वार दोबारा खोले जाएंगे, जिसे ‘निवृत्ति’ कहा जाता है.