केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान अब केवल पक्षियों का नहीं, बल्कि राजस्थान की दो-तिहाई फ्रेश वॉटर टर्टल प्रजातियों का भी सुरक्षित ठिकाना बन रहा है.