असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब तबाही का रूप ले चुकी है. सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में देखने को मिल रहा है. जहां उफनती सिमेन नदी ने रेलवे पुल को भी अपनी चपेट में ले लिया. भीषण जलप्रवाह और नदी कटाव के चलते पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. जिसके बाद इस रूट पर ट्रेनों का संचालन तत्काल रोक दिया गया.
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ छह जिलों में 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं, धेमाजी सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है जहां हजारों लोग बढ़ते जलस्तर के बीच जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहे हैं. बाढ़ का पानी 96 गांवों में घुस चुका है. जबकि करीब 1,690 हेक्टेयर फसल पानी में तबाह हो गई है.
ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां लगातार उफान पर हैं. शिवसागर जिले में दिसांग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बाढ़ का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है. करीब 48 हजार से ज्यादा मवेशी भी इस आपदा की चपेट में आ गए हैं.