ओडिशा के खुर्दा जिले का राउतपाड़ा गांव अपनी समृद्ध हथकरघा परंपरा के लिए मशहूर है. इन दिनों यहां करघे की धुन कुछ खास ही सुनाई दे रही है. दरअसल, यहां पुरी में होने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए आलीशान वस्त्र बनाने का काम जोरों पर किया जा रहा है. गांव के करीब 25 परिवारों को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिए पवित्र और पारंपरिक वस्त्र बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
ये वस्त्र बनाने का काम गांव में पीढ़ियों से जारी है और हर वस्त्र को बनाते समय ख्याल रखा जाता है कि ये सदियों पुरानी मंदिर की परंपराओं के अनुसार ही हो. ये वस्त्र 'खंडुआ पटा' से बनाए जाते हैं, जो रेशमी कपड़ा है और ओडिशा में सबसे शानदार कपड़ों में से एक माना जाता है. सातों दिनों के लिए अलग रंगों की पोशाकों पर 'इकत' बुनाई की जाती है। इनमें शंख, मंदिर, चक्र और कमल जैसी पवित्र आकृतियां कपड़े पर बुनी जाती हैं.
सालाना भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में राउतपाड़ा के लोग आस्था, कारीगरी और विरासत को जीवंत बनाए रखने में कामयाब हुए हैं.