भारतीय सेना ने सोमवार को मीडिया के एक हिस्से में आई उन खबरों का खंडन किया, जिनमें चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) द्वारा अरुणाचल प्रदेश में अतिक्रमण और कैंप लगाने का आरोप लगाया गया था. सेना ने इन खबरों को गलत और बिना आधार का बताया. आज सेवानिवृत होने वाले आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि चीन बॉर्डर पर हालात स्थिर हैं. हालांकि यह अभी भी सेंसिटिव है, जिस पर लगातार नजर रखने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों सेनाएं गलतफहमियों को रोकने और बॉर्डर से जुड़े रेगुलर मामलों को सुलझाने के लिए हर साल 1100 से ज़्यादा ग्राउंड-लेवल बातचीत करती हैं. कुछ दिन पहले अरुणाचल प्रदेश के ताक्सिंग इलाके में चीन के अतिक्रमण को लेकर बड़ा दावा सामने आया था. स्थानीय संगठन नाह वेलफेयर सोसाइटी ने आरोप लगाया था कि चीनी सेना ने भारतीय क्षेत्र के भीतर सड़कें, पुल और सैन्य ढांचे विकसित किए हैं. संगठन का कहना था कि इससे स्थानीय समुदायों की पारंपरिक चरागाह भूमि, शिकार क्षेत्र और पुश्तैनी इलाकों पर असर पड़ा है. दावों के समर्थन में कुछ तस्वीरें भी जिला प्रशासन को सौंपी गई थी और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी.