दक्षिण अफ्रीका में अवैध आव्रजन के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी बेरोजगारी, कम मजदूरी, अपराध और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के लिए प्रवासियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. वहीं राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने इन दावों को चुनौती देते हुए लोगों से शांतिपूर्ण विरोध की अपील की है. एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि देश की आर्थिक और सामाजिक समस्याओं के लिए प्रवासियों को गलत तरीके से दोषी ठहराया जा रहा है. संगठन के अनुसार इन चुनौतियों की जड़ रंगभेद की विरासत, गहरी असमानता और कमजोर शरण व्यवस्था है. बढ़ते तनाव के बीच जिम्बाब्वे, मलावी और नाइजीरिया के हजारों प्रवासी अपने दूतावासों से स्वदेश लौटने में मदद मांग रहे हैं, जबकि प्रशासन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज कर दी है.