130वें संविधान संशोधन विधेयक पर बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC अपनी रिपोर्ट 17 जुलाई तक लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपेगी. यानी मानसून सत्र से ठीक पहले ये रिपोर्ट सौंपी जाएगी. इस बिल का मकसद राजनीति के अपराधीकरण को रोकने और संवैधानिक नैतिकता को मजबूत करना है. जेपीसी की अध्यक्ष अपराजिता सारंगी के मुताबिक, इस रिपोर्ट में देश के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व है और किसी ने भी इसके मकसद पर सवाल नहीं उठाए हैं. सरकार मानसून सत्र में विधेयक सदन में पेश करेगी या नहीं, ये अभी साफ नहीं है.
चूंकि ये संविधान संशोधन विधायक है.. लिहाजा इसे पास होने के लिए सदन में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत है. हालांकि AAP, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) जैसे क्षेत्रीय दलों में टूट के बावजूद एनडीए के पास अभी पूर्ण बहुमत नहीं है.
अब आइये जानते हैं कि इस विधेयक में क्या-क्या प्रावधान हैं? इस विधेयक के मुताबिक, अगर कोई मंत्री किसी ऐसे अपराध में आरोपी है जिसमें 5 साल से अधिक की सजा का प्रावधान है या वह 30 दिनों से अधिक समय तक जेल में बंद रहा, तो उसे पद से हटाया जा सकेगा. उसे हटाने का फैसला राष्ट्रपति या राज्यपाल.. प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री की सलाह पर कर सकेंगे या फिर 31वें दिन स्वतः हट जाएंगे.