पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के पंडुआ में 100 वर्षीय डॉ. काली गोपाल मुखर्जी आज भी मरीजों का इलाज कर रहे हैं. वर्ष 1950 से चिकित्सा सेवा में जुटे डॉ. मुखर्जी पिछले 76 वर्षों से गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा कर रहे हैं. कैंसर के कारण एक आंख की रोशनी खोने और चलने के लिए वॉकर का सहारा लेने के बावजूद उनका सेवा भाव कम नहीं हुआ है. वे रोज अपनी क्लिनिक पहुंचकर मरीजों को देखते हैं. उनके पिता भी अंग्रेजों के दौर के गोल्ड मेडलिस्ट चिकित्सक थे, जिनसे उन्हें समाज सेवा की प्रेरणा मिली. आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले डॉ. मुखर्जी ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण हैं और आज भी लोगों के लिए उम्मीद की मिसाल बने हुए हैं.