जम्मू कश्मीर में एकेडमिक जिहाद का सनसनीखेज मामला सामने आया था। यहां एक सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी की किताब में अलगाववाद और पाकिस्तानी आतंकियों के महिमामंडन वाली सामग्री पाई गई थी जिसके बाद आठ शिक्षा अधिकारियों को निलंबित और एक संविदा कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया। इन किताबों में हाफिज सईद जैसे आतंकी को हीरो बताया गया था जबकि मीरवाइज उमर फारुक जैसे अलगाववादियों के एजेंडे को बढ़ावा दिया गया है। विवाद बढ़ा तो उमर अब्दुल्ला सरकार ने स्कूलों से किताब को वापस मंगवा लिया। लेकिन अब इस मामले को लेकर बीजेपी उमर सरकार पर हमलावर है और मामले की जांच की मांग कर रही है।