Ram Mandir Theft SIT Report: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आते ही हड़कंप मच गया है। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने महज 45 दिनों के भीतर 70 बार चोरी की वारदात को अंजाम दिया, लेकिन क्या इस रिपोर्ट में बड़े चेहरों को बचाने की कोशिश हुई है?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की सोमवार को हुई अहम बैठक में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की SIT रिपोर्ट पेश की गई, जिसने सुरक्षा और प्रबंधन की पोल खोलकर रख दी है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट प्रतिनिधि के तौर पर हुंडियों की चाबियां रखने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को मुख्य आरोपी बनाया गया है। टिन्नू ने अपने भतीजे मनीष यादव को ट्रस्ट में नौकरी दिलवाकर नोटों की गणना (Cash Counting) ड्यूटी में लगवाया था। उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, आरोपियों ने महज 45 दिनों में 70 बार नोटों की गड्डियां पार कीं। चौंकाने वाली बात यह है कि केवल 27 अप्रैल 2026 से बाद की फुटेज उपलब्ध होने के कारण, इससे पहले हुए वास्तविक गबन का अंदाजा लगाना भी नामुमकिन हो गया है।
रिपोर्ट में इस महा-चोरी के पीछे सुरक्षा नियमों और स्थापित एसओपी (SOP) की घोर अनदेखी को बड़ी वजह बताया गया है। नियमों को शिथिल करने के कारण गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की मौजूदगी में यह चोरी होती रही, जिसके चलते उन पर भी केस दर्ज किया गया है। साथ ही, दान प्रबंधन के जिम्मेदार ट्रस्टी अनिल मिश्रा को प्रभावी पर्यवेक्षण न करने के लिए सीधे तौर पर दोषी माना गया है। बैंक अधिकारियों की लापरवाही और सीसीटीवी फुटेज को लंबे समय तक सुरक्षित न रखने की विफलता भी सामने आई है।
About the Story:
The SIT probe report on the Ram Mandir donation theft was presented during the Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust meeting, revealing massive administrative lapses. The main accused, Ramshankar Yadav alias Tinnu, along with his nephew, caught on CCTV committing theft 70 times within a span of 45 days. While Trustee Anil Mishra has been blamed for supervision failure, the complete omission of Champat Rai and Gopal Rao from the initial report has raised serious questions.
#RamMandirTheft #AyodhyaSITReport #ChampatRai #TinnuYadav
~HT.318~ED.106~PR.514~VG.HM~