अमेरिका के श्रम विभाग ने एच-1बी और PERM वर्क वीजा में कथित धोखाधड़ी के मामलों की व्यापक जांच शुरू कर दी है. जांच के दायरे में भारतीय आईटी कंपनी कॉग्निज़ेंट समेत कई कंपनियां शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार फर्जी वीजा आवेदन, जबरन वेतन वसूली और विदेशी कर्मचारियों के शोषण जैसी शिकायतों की जांच की जा रही है. लेबर डिपार्टमेंट के महानिरीक्षक कार्यालय ने बताया कि दर्जनों समन जारी किए जा चुके हैं और व्हिसलब्लोअर से मिली सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है. यह कार्रवाई उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के नेतृत्व वाली ‘फ्रॉड एलिमिनेशन टास्क फोर्स’ के तहत की जा रही है. अमेरिकी सरकार का कहना है कि उद्देश्य वीजा प्रणाली के दुरुपयोग को रोकना और अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना है.