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swm news: खुरपका‑मुंहपका टीकाकरण: शत‑प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर प्रदेश में सिरमौर बना जिला

2026-07-10 5 Dailymotion

सवाईमाधोपुर. जिले ने खुरपका‑मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान में शत‑प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। पशुपालन पर निर्भर हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए यह उपलब्धि किसी जीत से कम नहीं है। संक्रामक रोगों से पशुधन को बचाने की इस सफलता ने न केवल जिले को प्रदेश का सिरमौर बना दिया है बल्कि पशुपालकों की आजीविका को भी मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान किया है। यह उपलब्धि विभागीय टीमों की मेहनत और पशुपालकों की जागरूकता का संयुक्त परिणाम है।

लक्ष्य से आगे बढ़ा सवाईमाधोपुर

पशुपालन विभाग के अनुसार जिले में 3 लाख 22 हजार पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया था। अभियान की रफ्तार इतनी तेज रही कि 3 लाख 16 हजार से अधिक पशुओं को वैक्सीन लग चुकी है और शेष की एंट्री भी पूरी कर ली गई है। इस उपलब्धि ने जिले को प्रदेश के टॉप‑5 जिलों में जगह दिलाई और अब शत‑प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर पहला स्थान भी दिला दिया। यह सफलता पशुपालकों की जागरूकता और विभागीय टीमों की मेहनत का परिणाम है।
संक्रामक रोग का खतरा और बचाव
खुरपका‑मुंहपका गाय, भैंस, बकरी और भेड़ जैसे खुर वाले पशुओं में फैलने वाला खतरनाक वायरल रोग है। संक्रमित पशु के संपर्क, लार, दूध, चारा, पानी और हवा से यह तेजी से फैलता है। रोग से प्रभावित पशुओं के मुंह, जीभ, मसूड़ों और खुरों पर छाले हो जाते हैं। तेज बुखार, लार गिरना, चारा न खाना, लंगड़ाकर चलना और दूध उत्पादन में कमी इसके प्रमुख लक्षण हैं। मृत्युदर भले कम हो, लेकिन दूध उत्पादन घटने से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। शत‑प्रतिशत टीकाकरण से अब इस खतरे पर बड़ी हद तक रोक लग गई है और पशुपालकों को राहत मिली है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला नया सहारा

जिले में एफएमडी टीकाकरण अभियान की सफलता ने पशुपालकों की आजीविका को नई मजबूती दी है। दूध उत्पादन में कमी और पशुधन की बीमारी से होने वाले आर्थिक नुकसान का खतरा अब काफी हद तक कम हो गया है। हजारों ग्रामीण परिवार, जिनकी आय का मुख्य स्रोत पशुपालन है, अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यह उपलब्धि न केवल पशुधन की रक्षा करती है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिरता और भरोसा भी देती है।
प्रदेश में आदर्श मॉडल बना सवाईमाधोपुर
जिले ने शत‑प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर पूरे राजस्थान के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है। अन्य जिलों के लिए यह उदाहरण है कि जागरूकता, विभागीय टीमों की मेहनत और सामूहिक प्रयास से संक्रामक रोगों पर काबू पाया जा सकता है। यह उपलब्धि अब प्रदेशभर में पशुपालन विभाग की रणनीति और कार्यशैली का मानक बन गई है।

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इनका कहना है...
प्रदेशभर में चलाए गए एफएमडी टीकाकरण अभियान में सवाईमाधोपुर ने शत‑प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर पहला स्थान पाया है। यह उपलब्धि पशुपालकों की जीत है और विभागीय टीमों की मेहनत का परिणाम है।

डॉ.राजीव गर्ग, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग, सवाईमाधोपुर