पक्षी आजादी के प्रतीक हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला जेल प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है. जेल में अपनी सजा पूरी कर रहे कैदियों को उसने सुधार कार्यक्रम के तहत पक्षियों के लिए आशियाना और दाना-पानी रखने के बर्तन बनाने के काम में लगाया है. इस तरह, कैदी गौरैया और दूसरे पक्षियों के लिए वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किए गए बर्ड हाउस और और बर्ड फीडर बना रहे हैं.
हर किट में क्यूआर कोड होता है, जो उपयोगकर्ताओं को बताता है कि बर्डहाउस को घर या बगीचे में कैसे सुरक्षित लगाएं और उसका रखरखाव कैसे करें। साथ ही इसके जरिए ये जानकारी भी हासिल की जा सकती है कि आपके क्षेत्र में आने वाले अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों के लिए कौन सा दाना सही है. जेल प्रशासन ने सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इन बर्ड हाउस को खरीदकर पक्षी संरक्षण और बंदियों के पुनर्वास अभियान का हिस्सा बनें.