शांत रहने वाला श्रीनगर का पोखरीबल इलाका आजकल पैडल की आवाज से गूंज रहा है. यहां कश्मीर के दर्जनों युवा एथलीट वॉटर स्पोर्टस की ट्रेनिंग ले रहे हैं. लाल चौक से 6 किलोमीटर दूर निगनी झील के उत्तर पूर्व किनारे पर हरि पर्वत के पास ये वॉटर बॉडी... यहां के युवाओं को खेल में भविष्य संवारने का मौका दे रही है. 20 दिन तक चलने वाले इस वॉटर स्पोर्ट्स कैंप में 80 लड़के और लड़कियां कयाकिंग, कैनोइंग और रोइंग के गुर सीख रहे हैं.
यहां ट्रेनिंग ले रहे युवा अपनी स्किल को निखार रहे हैं जिससे आगे आने वाली प्रतियोगिताओं में बेहतर परफॉरमेंस दे पाएंगे. सालों तक कश्मीर में कॉम्पिटिटिव कयाकिंग, कैनोइंग और रोइंग मुख्य रूप से श्रीनगर और डल झील के आसपास रहने वाले बच्चों तक ही सीमित थी. आज यह खेल बारामूला, बांदीपोरा, गांदरबल और बडगाम जैसे ज़िलों के युवाओं को भी अपनी तरफ खींच रही है. इन युवा खिलाड़ियों की सरकार से अपील है कि जम्मू-कश्मीर के हर जिले में ऐसे कोचिंग कैंप शुरू किए जाएं. कश्मीर में वॉटर स्पोर्ट्स का दायरा पारंपरिक जगहों से आगे बढ़ सके.