तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा क्षेत्र में पानी की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मेट्टूर बांध में पर्याप्त जलस्तर नहीं होने के कारण सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़ा जा सका, जिससे धान की खेती संकट में है. सरकार ने किसानों को वैकल्पिक फसलें अपनाने की सलाह दी है, लेकिन किसानों का कहना है कि पर्याप्त सिंचाई के बिना दूसरी फसलें उगाना भी संभव नहीं है. वहीं नागपट्टिनम जिले में भूजल स्तर गिरने और कम बारिश के कारण भिंडी जैसी सब्जियों की पैदावार भी प्रभावित हुई है. उत्पादन घटने से बाजार में कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा. कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून और जल संकट के चलते कावेरी डेल्टा के किसानों की आजीविका पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है.