बारिश के बीच हाथियों को खाना खिलाने की परंपरा केरल के त्रिशूर में इस बार भी धूमधाम से मनाई गई. हाथियों की धरती त्रिशूर के वडक्कुम्नाथन मंदिर में कर्कडाका महीने का पहला हाथी भोज, जिसे अनायूट्टू कहा जाता है, आयोजित किया गया. इस आयोजन में 50 हाथी शामिल हुए. जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. इन हाथियों को वडक्कुम्नाथन मंदिर के सामने लाया गया. हाथियों ने इस आयोजन में शामिल लोगों के हाथों से चावल के बने गोले खाए. इस अनुष्ठान की शुरुआत अष्टद्रव्य महा गणपति होमम के साथ सुबह 5 बजे शुरू हुई. होमम 10,008 नारियल, 2,000 किलोग्राम गुड़, 60 किलोग्राम तिल का इस्तेमाल करके तैयार किया गया था. फिर सुबह 9.30 बजे प्रसिद्ध अनायुट्टु अनुष्ठान शुरू हुआ. ये गज पूजा समारोह मलयालम महीने कर्किडकम के पहले दिन आयोजित किया जाता है. अंग्रेजी कैलेंडर में कर्किडकम की शुरुआत जुलाई महीने में होती है. ऐसा माना जाता है कि इस अनुष्ठान के दौरान हाथियों को भोजन कराने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और श्रद्धालुओं को साल भर बीमारियों से बचाते हैं.