देश का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट आंध्र प्रदेश स्थित श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरने के लिए तैयार है. इसे एक निजी एयरोस्पेस कंपनी 'स्काईरूट' ने विकसित किया है। 'विक्रम-1' का नाम देश के महान अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है. ये पहली बार होगा जब पूर्ण रूप से किसी निजी कंपनी की तरफ से डिजाइन और विकसित किया गया ऑर्बिटल-श्रेणी का ये रॉकेट भारतीय धरती से उड़ान भरेगा. विक्रम-1 एक बहु-चरणीय कक्षीय प्रक्षेपण यान है, जिसका निर्माण पूरी तरह से कार्बन-मिश्रित संरचना से किया गया है. इसे कंपनी के बनाए गए प्रोपल्शन सिस्टम से पावर मिलती है, जिसमें 3डी-प्रिंटेड इंजन और हाई-थ्रस्ट सॉलिड-फ्यूल रॉकेट बूस्टर शामिल हैं. इसे 350 किलोग्राम तक वजन वाले छोटे सैटेलाइट को लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) तक ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है. इस टेस्ट फ्लाइट का मकसद ये देखना है कि स्काईरूट एयरोस्पेस की बनाई टेक्नोलॉजी असल में कैसा काम करती है. इस मिशन के दौरान मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल कंपनी सीखने, सुधार करने और आगे और बेहतर बनाने के लिए करेगी.