शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र के पांचवे दिन जैसे ही लोकसभा में सदन की कार्यवाही शुरू हई, विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा शुरु कर दिया. जिसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया. जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी सांसद फिर हंगामा करने लगे, इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजजू ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष हंगामा करता रहा जिसके बाद सदन को कार्यवाही को सोमवार के लिए स्थगित करना पड़ा. यही स्थिति उच्च सदन राज्य सभा में रही इसकी कार्यवाही भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया और एक बार फिर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को जाना होगा. सपा संसद डिंपल यादव ने कहा कि सरकार चाहती है कि स्टूडेंट्स का मुद्दा किसी तरह शांत हो जाए ऐसा लगता है कि उसका यही एकमात्र इरादा है. दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के सांसदों ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया. तो पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्च और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़क से सदन तक संग्राम मचा है.