गांव की स्कूल को सीनियर सेकेंडरी स्तर तक क्रमोन्नत कर दिया, लेकिन शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति नहीं की. इसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है.