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Guru Purnima Special: क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा? गुरु पूर्णिमा से जुड़ी 5 चौंकाने वाली बातें

2026-07-29 6 Dailymotion

Guru Purnima पर करें ये खास उपाय, जानें पूजा विधि और दान का महत्व! आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर जानिए गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है और इसका धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व क्या है।

आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा का दिन सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा का सबसे पवित्र पर्व माना जाता है। इस दिन ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक मार्ग दिखाने वाले गुरुओं के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त की जाती है। इसी पावन तिथि पर चारों वेदों के विभाजक और महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन को 'व्यास पूर्णिमा' भी कहा जाता है और वेदव्यास जी की विशेष पूजा की जाती है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर भगवान शिव ने भी आदिगुरु के रूप में सप्तऋषियों को योग और अध्यात्म का उपदेश दिया था। शास्त्रों में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा बताया गया है। इस दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर गुरु, महर्षि वेदव्यास या उनकी चरण पादुका का पूजन, दीप प्रज्वलन, चंदन, पुष्प अर्पित करने और गुरु मंत्रों का जाप करने का विधान है।

गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और दान-पुण्य का अवसर है। इस दिन वस्त्र, अन्न, पुस्तक और दक्षिणा का दान करने से जीवन में सुख, शांति और ज्ञान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जानिए इस पावन पर्व से जुड़ी पूरी पौराणिक कथा और शुभ मुहूर्त के बारे में।


Guru Purnima, also known as Vyasa Purnima, is a sacred Indian festival dedicated to honoring spiritual teachers and mentors. Celebrated on the full moon day of the Ashadha month, it marks the birth anniversary of Maharishi Veda Vyasa, who compiled the Vedas and wrote the Mahabharata. This video covers the religious significance, mythological stories involving Lord Shiva and Veda Vyasa, and step-by-step puja rituals to receive divine blessings.


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