दिवाकराचार्य और जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि 'वंदे मातरम' देश की अस्मिता, स्वतंत्रता संग्राम के बलिदान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है.