रूस-यूक्रेन युद्ध में धोखे से भेजे गए और मारे गए या लापता हुए भारतीयों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवारों की मदद के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) में एक 'नोडल ऑफिसर' नियुक्त किया जाए.
कोर्ट ने आदेश दिया है कि शवों की सही पहचान के लिए विदेश मंत्रालय परिजनों के साथ DNA मैचिंग की सुविधा सुनिश्चित करे और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पार्थिव शरीर परिवार को सौंपे. इसके अलावा, विदेश मंत्रालय को प्रभावित परिवारों को रूसी दूतावास से मुआवजा दिलाने में मदद करने और सभी अपडेट्स स्थानीय भाषाओं में देने को भी कहा गया है.