जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय मां के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर अब प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है. पीएम मोदी ने कहा कि सभ्य समाज में ऐसी भाषा का इस्तेमाल ठीक नहीं है, लेकिन उन्होंने इसके साथ ही प्रदर्शनकारी छात्रों को माफ करने की बात कही.
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर प्रदर्शन में शामिल लड़कियों की भाषा का जिक्र किया. उन्होंने इसे 'कल्चर शॉक' बताते हुए कहा कि हमारी बेटियों द्वारा ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल सांस्कृतिक दृष्टि से चिंता का विषय है.
प्रधानमंत्री ने युवा प्रदर्शनकारियों से अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि देश आगे बढ़ रहा है. युवा भी आगे बढ़ें. नई चीजें सीखें और देश की प्रगति में भागीदार बनें.