पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने दावा किया है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने दिल्ली के जंतर मंतर पर स्टूडेंट प्रोटेस्ट में गड़बड़ी फैलाने की साजिश रची थी. ये खुलासा पूर्व बर्धमान से गिरफ्तार हामिम मंडल और झारखंडे के साहबगंज से उसकी करीबी सहयोगी अर्पिता सरकार से पूछताछ में हुआ है. STF की जांच में पता चला है कि आतंकवादी संगठन के कुछ सदस्यों ने पुलिस की वर्दी पहनकर जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन में गड़बड़ी फैलाने की कोशिश थी. इस साजिश को अंजाम देने के लिए आतंकवादियों की पुलिस की वर्दी हासिल करने की योजना थी. जिससे पुलिसकर्मी बनकर भीड़ में शामिल हो सके और अफरातफरी फैला सकें. हालाँकि ये साफ नहीं हैं कि दोनों जंतर मंतर गए थे या नहीं या पुलिस की वर्दी हासिल करने में सफल रहे या नहीं. एसटीएफ के मुताबिक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी जैश ए मोहम्मद के निशाने पर थे.गिरफ्तार दोनों अतंकियों के पास उनके नियमित यात्रा की रुट की जानकारी थी.साथ ही कई राज्य मंत्रियों और पुलिस अधिकारियों के नियमित यात्रा मार्गों की भी जानकारी थी. एसटीएफ को आशंका है कि राज्य के मंत्री उमेश राय के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाने और फिर उसका अपहरण की योजना थी.