सवाईमाधोपुर. नौ महीने से अटकी राशन डीलरों की भर्ती ने जिला रसद विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 21 नवंबर 2025 को निकली भर्ती प्रक्रिया अब तक अधूरी है, नगरपरिषद और ग्रामीण वार्डों के साक्षात्कार ठंडे बस्ते में पड़े हैं। लेकिन विभाग ने हैरानी भरा कदम उठाते हुए 16 जून 2026 को नई भर्ती का ऐलान कर दिया। यह दोहरी चाल जनता के लिए सिरदर्द और आवेदकों के लिए इंतजार बन चुकी है, जबकि अगस्त माह में चुनावी आचार संहिता का खतरा मंडरा रहा है।
ठंडे बस्ते में पड़े साक्षात्कार
21 नवंबर 2025 को निकली राशन डीलरों की भर्ती प्रक्रिया नौ महीने बाद भी अधूरी है। नगरपरिषद और ग्रामीण वार्डों के इंटरव्यू अब तक नहीं हो पाए, जबकि कई पंचायतों में नियुक्तियां जारी हो चुकी हैं। विभाग की चुप्पी ने आवेदकों को इंतजार की आग में झोंक दिया है। हैरानी यह है कि अधूरी भर्ती के बावजूद विभाग ने 16 जून 2026 को नई भर्ती विज्ञप्ति निकाल दी। जब पहली प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो दूसरी भर्ती का ऐलान जनता और आवेदकों के लिए सिरदर्द बन गया है।
आचार संहिता का मंडरा रहा खतरा
अगस्त माह में चुनावी आचार संहिता लगने के आसार हैं। ऐसे में दोनों भर्ती प्रक्रियाएं अधूरी रह जाएंगी और आवेदकों का इंतजार और लंबा हो जाएगा। भर्ती समय पर पूरी होती तो राशन वितरण की सुविधा मिलती। लेकिन अधूरी प्रक्रिया ने पात्र परिवारों को अभाव और महंगे दामों पर खरीदारी की मजबूरी दी है।
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इनका कहना है...
नए आवेदनों की जांच की जा रही है। आवेदन 15 अगस्त से पहले जांच कर लिए जाएंगे। आचार संहिता नहीं लगी तो संभवत इसी माह में साक्षात्कार कराए जाएंगे। पूर्व में कमेटी के सदस्य उपिस्थत नहीं होने से साक्षात्कार की प्रक्रिया अटक गई थी।
रामभजन मीणा, जिला रसद अधिकारी, सवाईमाधोपुर