हमीरपुर: हिमाचल के बिलासपुर के रहने वाले विशाल भारद्वाज ने ऑटोमोबाइल में बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद किसी मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी का मोह नहीं किया. बिशाल ने नौकरी करने की जगह अपना डेयरी उद्योग खोलने की दिशा में कदम बढ़ाया. अब तक मुर्रा नस्ल के भैंसों व भैंसों को लेकर हरियाणा का नाम ही चर्चा में आया करता था, लेकिन अब उनके फार्म में पल रही मुर्रा भैंसों का नाम हरियाणा तक गूंज रहा है. उनकी डेयरी फार्म में मुर्रा नस्ल के भैंसे का चयन नस्ल सुधार कार्यक्रम के लिए हुआ है. नका पहला मुर्रा भैंसा "शौर्य" 27 मार्च 2025 को हरियाणा के हिसार स्थित स्पर्म स्टेशन एवं रिसर्च सेंटर में चयनित हुआ था. इसके लिए उन्हें दो लाख रुपये की राशि दी गई थी. उनके फार्म से एक 1 साल का बुल 45 हजार रुपये में बिका था. उन्होंने कहा कि वर्तमान में उनके फार्म से प्रतिदिन करीब 26 किलो दूध की बिक्री होती है, जबकि कुछ दूध बच्चों और जरूरतमंदों में भी बांटा जाता है.