FCRA संशोधन विधेयक 2026 पर विपक्ष के भीतर ही अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं। कांग्रेस जहां इस बिल को पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रही है, वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT ने ड्राफ्ट देखने और चर्चा के बाद समर्थन की संभावना जताई है। वहीं NCP शरद पवार गुट की सुप्रिया सुले ने बिल को या तो वापस लेने या फिर JPC यानी संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की है। TMC, DMK और BJD का रुख भी कांग्रेस से अलग नजर आ रहा है।