पूरा देश अपने 80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न की तैयारियों में जुटा है. इस जश्न में फहराए जाने वाले भारत के राष्ट्रीय ध्वज का सफर अक्सर महाराष्ट्र के नांदेड़ से ही शुरू होता है. नांदेड़ के 'खादी ग्रामोद्योग भवन' में 100 से ज्यादा कारीगर दिन-रात हाथ से काते गए खादी के कपड़ों से तिरंगा तैयार कर रहे हैं, जिन्हें देश के कोने-कोने में सप्लाई किया जाता है.
हालांकि, दिसंबर 2021 में केंद्र सरकार द्वारा 'फ्लैग कोड' में किए गए संशोधन के बाद से पॉलिएस्टर और मशीन से बने झंडों को भी फहराने की अनुमति मिल गई है. सस्ते पॉलिएस्टर के झंडे बाजार में आने से पारंपरिक खादी के तिरंगे की मांग और इसे बनाने वाले संगठनों के कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है. नांदेड़ में बन रहे इन खास खादी के झंडों की पूरी कहानी और कारीगरों की चुनौतियां जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें.