दक्षिण दिल्ली में स्थित लोधी काल की ऐतिहासिक इमारत 'शेख अली की गुमटी' को सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया है. माना जाता है कि यह इमारत एक सूफी संत को समर्पित है. समय के साथ एक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने इस स्मारक में तोड़-फोड़ कर इसे अपना मुख्यालय बना लिया था और आसपास की जगह को पार्किंग में तब्दील कर दिया था.
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद, अदालत ने दिल्ली सरकार को सख्त निर्देश दिया कि वह INTACH की मदद से इस इमारत को इसके मूल अष्टकोणीय (आठ कोनों वाले) स्वरूप में बहाल करे. कोर्ट के आदेश के बाद, अब इस स्मारक को न सिर्फ इसके असली रूप में वापस लाया गया है, बल्कि इसके आसपास के इलाके को एक शानदार सार्वजनिक हरित क्षेत्र में भी बदल दिया गया है. दिल्ली की इस ऐतिहासिक धरोहर की बहाली की पूरी कहानी जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें.