CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया BCI के उस निर्देश पर नाराजगी जताई, जिसमें सभी राज्य बार काउंसिलों से कहा गया था कि वे हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को एनरोल न करें. हालांकि, कुछ घंटों बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपना निर्देश बदल दिया. सर्कुलर पर सीजेआई ने कहा कि यह मामला मेरे और छात्रों के बीच का है और इसमें किसी को भी दखल देने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने बताया कि छात्र जीवन के दौरान वे खुद भी विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं. आगे उन्होंने कहा कि छात्रों को विरोध करने का अधिकार है और कोई उन्हें रोक नहीं सकता. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बीसीआई से जवाब मांगा है. इसके साथ ही कोर्ट ने यह साफ निर्देश दिए हैं कि NALSAR के किसी भी छात्र या प्रोफेसर के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए.