महाराष्ट्र सरकार ने टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान रखना और उसका प्रयोग करना अनिवार्य कर दिया है। अगर ड्राइवर ऐसा नहीं करते हैं तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। जिन ड्राइवरों को मराठी बोलने का व्यावहारिक कौशल या काम-चलाऊ ज्ञान नहीं है, उन्हें पहले एक महीने का नोटिस दिया जाएगा। अगर कोई ड्राइवर उस महीने के भीतर भाषा नहीं सीख पाता है, तो उनके लाइसेंस का अधिकार तीन महीने तक के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। राज्य सरकार ने 15 अगस्त के बाद मराठी सीखने की मियाद को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है…मराठी भाषा की इस अनिवार्यता को लेकर मुंबई के टैक्सी और ऑटो ड्राइवर सरकार से नाराज दिखाई दे रहे हैं।