Ram Mandir Donation Case: SIT की फाइनल रिपोर्ट में Champat Rai को क्लीन चिट, क्या है पूरी रिपोर्ट?
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने अपनी फाइनल रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा को बड़ी राहत मिली है!
अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। जांच का मुख्य उद्देश्य चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड रखरखाव और संबंधित वित्तीय लेनदेन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या धांधली की पड़ताल करना था। जांच के दौरान एसआईटी ने कई दौर की पूछताछ की और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला।
एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम को पूर्व महासचिव चंपत राय के खिलाफ कोई ठोस या आपराधिक साक्ष्य नहीं मिला है, जिसके आधार पर उन्हें क्लीन चिट दी गई है। वहीं, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा को लेकर भी प्रारंभिक जांच में गिनती की प्रक्रिया में लापरवाही से जुड़े जो सवाल उठे थे, फाइनल रिपोर्ट में पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण उनका नाम भी आरोपी के रूप में शामिल नहीं किया गया है।
यह मामला पूरे देश में काफी चर्चा में रहा है क्योंकि राम मंदिर के प्रबंधन और दान की पारदर्शिता से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। उत्तर प्रदेश गृह विभाग द्वारा इस रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए ट्रस्ट को सौंपे जाने की खबर है। हालांकि, मामले में अंतिम और आधिकारिक पुष्टि रिपोर्ट के पूरी तरह सार्वजनिक होने के बाद ही होगी।
About the Story:
In a major update regarding the alleged donation management irregularities at the Ayodhya Ram Temple, the Special Investigation Team (SIT) has reportedly submitted its final report. According to sources, former Trust General Secretary Champat Rai and former trustee Anil Mishra have been cleared of charges due to a lack of evidence. Watch this detailed report on Oneindia Hindi for all updates regarding the SIT inquiry into Ram Mandir offerings.
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