प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणित लाइसेंस भी प्रदान किया जाएगा, जिसकी मान्यता भारत के साथ-साथ मध्य-पूर्व क्षेत्र में भी होगी