शैलचित्रों, जीवाश्मों, मंदिरों, सिक्कों और राजचिह्नों में सहेजी गई गज परंपरा, बांधवगढ़ के गौतम हाथी से लेकर गणेश आराधना तक हाथियों का इतिहास पुराना.