नई दिल्ली: दिल्ली देहात के किसानों का गुस्सा अब सड़क पर दिखाई देने लगा है. कंझावला में रविवार को किसान अपनी मांगों को लेकर महापंचायत की. इस दौरान किसान नेता प्रवीण डबास ने कहा कि UER-2 रोड को जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए जिन सात गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है, उसके लिए करीब 53 लाख रुपये प्रति एकड़ का रेट तय किया जा रहा है. यह दर करीब 18 साल पुरानी है और मौजूदा समय में जमीन की वास्तविक कीमत के मुकाबले बेहद कम है. इसको लेकर किसानों में सरकार के प्रति भारी नाराजगी है. उन्होंने कहा कि जमीन सिर्फ खेती का साधन नहीं, बल्कि उनके परिवारों की आजीविका और भविष्य से जुड़ी हुई है. ऐसे में उचित और मौजूदा बाजार के अनुरूप मुआवजा मिलना चाहिए.