US Weapon Shortage: ईरान युद्ध में अमेरिका के हथियार खत्म? CSIS की रिपोर्ट ने डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। ईरान के खिलाफ महीनों से जारी सैन्य कार्रवाई ने दुनिया की सबसे बड़ी ताकत अमेरिका के मिसाइल स्टॉकपाइल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईरान के खिलाफ लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण अमेरिकी सेना को अपने अत्याधुनिक और महंगे हथियारों के भंडार का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल करना पड़ा है। थिंक टैंक CSIS (Center for Strategic and International Studies) के ताजा विश्लेषण के अनुसार, Patriot और THAAD एयर डिफेंस इंटरसेप्टर के साथ-साथ लंबी दूरी की Tomahawk क्रूज मिसाइलों की भारी कमी दर्ज की गई है। युद्ध के दौरान Patriot का स्टॉक 1000 से नीचे और THAAD का लगभग 250 तक सिमट गया, जो अमेरिकी हवाई सुरक्षा के लिए एक बड़ा रणनीतिक जोखिम बन सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी नौसेना और पेंटागन ने डिफेन्स कॉन्ट्रैक्टर Raytheon (RTX) को 22.9 अरब डॉलर का 7 साल का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया है, ताकि Tomahawk मिसाइल का सालाना उत्पादन 60 से बढ़ाकर 1,000 से अधिक किया जा सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इन मिसाइलों और इंटरसेप्टर सिस्टम के भंडार को युद्ध से पहले के स्तर पर वापस लाने में करीब 3 से 5 साल का समय लग सकता है।
इस कमी के कारण डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अगर ताइवान जलडमरूमध्य या एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन या उत्तर कोरिया के साथ कोई नया मोर्चा खुलता है, तो अमेरिकी सेना अपनी वैश्विक प्राथमिकताओं को कैसे संभालेगी।
A recent CSIS report warns that prolonged military operations against Iran have severely depleted the U.S. military's critical stockpiles of Patriot, THAAD, and Tomahawk missiles. To counter industrial bottlenecks, the Trump administration awarded a $22.9 billion contract to Raytheon to boost Tomahawk production, but experts caution it could take three to five years to fully replenish reserves.
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