आवास विकास परिषद और लखनऊ विकास प्राधिकरण की लापरवाही से शहर में अवैध बस्तियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. जहां भी ऐसी बस्तियां बस जाती हैं, वहां आग की घटनाएं आम हो गई हैं ताजा मामला रिंग रोड स्थित विकास नगर का है, जहां भीषण अग्निकांड में कई झोपड़ियां जलकर राख हो गईं. हैरानी की बात यह है कि आग लगी जगह आवास विकास परिषद का कॉमर्शियल प्लाट था. इस प्लाट पर 23 साल से अवैध बस्ती बनी हुई थी, लेकिन परिषद के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे. कई परिवार बेघर हो गए और खुले में रात बिताने को मजबूर हुए. पीड़ितों ने आगजनी के आरोप लगाए, हालांकि प्रशासन ने इनकार करते हुए जांच कमेटी गठित की है.