संसद के तीन दिनों के विस्तारित बजट सत्र के पहले दिन महिला आरक्षण कानून से जुड़े तीन संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किए गए. विधेयकों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर बहसबाजी हुई. विपक्ष ने महिला आरक्षण का समर्थन किया, लेकिन सरकार की नीयत पर सवाल उठाए. चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयकों का समर्थन करने की अपील की. साथ ही, उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है और जो भी इसका विरोध करेंगे उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.
उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर यह भी कहा कि इस विषय को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘राष्ट्र के जीवन में कुछ महत्वपूर्ण पल आते हैं और उस समय समाज की मन:स्थिति और नेतृत्व क्षमता उस पल को ‘कैप्चर’ करके एक राष्ट्र की अमानत और धरोहर बना देती है। संसदीय इतिहास में आज ऐसा ही एक पल है.’’