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ओडिशा की ट्रांसजेंडर नृत्यांगना चिन्मयी त्रिपाठी ने ओडिसी और भगवान जगन्नाथ को समर्पित किए 27 साल

2026-04-30 12 Dailymotion

43 साल की उम्र में  चिनमयी त्रिपाठी ओडिशी नृत्य करती हैं.इन्होंने अपनी आधी से ज्यादा जिंदगी इस नृत्य को समर्पित कर दिया. ओडिशा के इस ट्रांसजेंडर कलाकार के लिए डांस सिर्फ परमॉर्मेंस नहीं बल्कि इनकी जिंदगी भर का सफर है. चिनमयी का जन्म एक कलाकार परिवार में हुआ,  नाम गौरी शंकर त्रिपाठी था. बचपन से ही संगीत और डांस से लगाव था. शौक के तौर पर ओडिशी सीखना शुरू किया.जो धीरे-धीरे जिंदगी का मकसद बन गया...उम्र बढ़ने के साथ-साथ उन्हें अपनी अलग पहचान का अहसास हुआ. गौरी शंकर से चिनमयी त्रिपाठी बन गईं. लेकिन ये सफर इतना आसान नहीं था.मजाक, सामाजिक बहिष्कार, पिता की मौत के बाद घर छोड़ना पड़ा. लेकिन मकसद साफ था. ये रुकावटें चिनमयी के रास्ते में रोड़ा नहीं बन पाईं. डांस से प्यार बढ़ता गया. मेहनत और समर्पण से अलग-अलग मंचों पर परफॉर्मेंस जारी रहा, अलग पहचान बनी, नाम हुआ और फिर जिंदगी बदल गई. इन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के दूसरे लोगों को भी इस कला को अपनाने के लिए प्रेरित किया है. आज भी ये उसी लगन और भक्ति के साथ डांस करती हैं. दिल में हमेशा भगवान जगन्नाथ बसते हैं और उनकी हर परफ़ॉर्मेंस में ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देती है.