कच्छ, गुजरात : कच्छ के रेगिस्तान में पशुपालन पर निर्भर सैंकड़ों परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है ऊंटनी का दूध। पहले ऊंटनी का दूध पानी के भाव बिकता था, लेकिन गुजरात सरकार के प्रयासों से कच्छ की सरहद डेयरी ने न केवल Camel Milk मिल्क खरीदने की व्यवस्था की, बल्कि ऊंट पालकों को इसके लिए 50 से 55 रुपये प्रति लीटर का भुगतान भी किया जा रहा है। ऊंट पालकों के मुताबिक अब उन्हें न तो दूध बेचने में कोई परेशानी होती है और न ही पेमेंट मिलने में। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में सरहद डेयरी ने न सिर्फ ऊंट पालकों को मिल्क का एक ऑर्गनाइज्ड मार्केट उपलब्ध कराया है, बल्कि उन्हें ऊंट खरीदने के लिए लोन की सुविधा भी प्रदान की है। इससे जहां Camel Milk की डिमांड बढ़ी है, वहीं ऊंटों की कीमतें भी बढ़ गई हैं।