भारत का आम… जिसे फलों का राजा कहा जाता है, आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुश्किलों का सामना कर रहा है. जापान ने भारतीय आम की कई शिपमेंट को अस्वीकार कर दिया है, वहीं अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट संकट ने भी एक्सपोर्ट पर बड़ा असर डाला है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में आम और आम किसानों की खुलकर तारीफ की है. प्रधानमंत्री मोदी ने आम को भारतीय संस्कृति और गर्मियों की पहचान बताया. उन्होंने आम उत्पादक किसानों की मेहनत की सराहना की. दरअसल भारत दुनिया में सबसे ज्यादा आम पैदा करने वाला देश है. वैश्विक उत्पादन का करीब आधा हिस्सा अकेले भारत में होता है.
सिर्फ जापान ही नहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने भी भारतीय आम के व्यापार को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. अमेरिका-ईरान विवाद और होर्मुज स्ट्रेट संकट की वजह से शिपिंग महंगी हो गई है और माल पहुंचने में देरी हो रही है. निर्यातकों के मुताबिक माल ढुलाई का खर्च दोगुना हो चुका है. कई शिपमेंट रद्द हो गई हैं और जो आम विदेश भेजे जाने थे, उन्हें अब घरेलू बाजार में बेचना पड़ रहा है. इससे किसानों को कम दाम मिल रहे हैं.
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के आम किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. एक्सपोर्ट में कमी आने से बाजार में आम की कीमतें भी गिर गई हैं.