महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में हाल ही में मानसून के सक्रिय होने से फिर से बारिश शुरू होने से कुछ राहत मिली है और कई जिलों में बारिश की कमी को कम करने में मदद मिली है. दक्षिण-पश्चिम मानसून, जो लगभग दो हफ्ते से रुका हुआ था, अब फिर से आगे बढ़ गया है. दिल्ली में धूल भरी आंधी ने भीषण गर्मी जैसे हालात से कुछ समय के लिए राहत दी. दिल्ली में इस महीने बारिश की कमी दर्ज की जा रही है. जून में अब तक शहर में 39.6 मिमी बारिश हुई है, जबकि जून में अब तक सामान्य बारिश 48.3 मिमी होती है. यानी इस साल जून में अब तक सामान्य से 8.7 मिमी या 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है. जून के पहले तीन हफ्तों में देश के 315 जिलों में बहुत कम बारिश हुई, खरीफ की बुआई शुरू होने के समय पूरे भारत में बारिश सामान्य से लगभग 40–42% कम रही. जुलाई और अगस्त बहुत अहम हैं. मौसम की लगभग 60–70% बारिश और खेती के लिए पानी की ज्यादा भरपाई इन्हीं दो महीनों में होती है. जून में भी जब बारिश कम होती है, तो जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश मानसून की कमी को काफी कम कर सकती है या खत्म भी कर सकती है.