अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान को निशाना बनाते हुए हवाई हमलों का दूसरा दौर शुरू कर दिया है. ये हमला तेहरान की ओर से बहरीन और कुवैत पर हमले के बाद किया गया है. इससे दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत मिलता है, जो युद्ध रोकने के लिए हुए अंतरिम समझौते के लिए खतरा बन गया है. कुवैत पर हमला दोनों पक्षों की ओर से युद्ध रोकने के उद्देश्य से किए गए समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद पहला हमला था. अमेरिकी सेना के केंद्रीय कमान ने कहा कि उसने शनिवार तड़के समुद्र में एक जहाज पर हुए हमले के बाद ईरानी सैन्य ढांचे पर हमला किया. पनामा के झंडे वाला टैंकर किकू, कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी के लिए कच्चा तेल ले जा रहा था। कतर ईरान और अमेरिका के बीच एक प्रमुख वार्ताकार है. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने "ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों और तटीय रडार ठिकानों पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने के लिए फिर से हमला किया है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि एक समय ऐसा आ सकता है जब अमेरिका के लिए तर्कसंगत रहना असंभव हो जाएगा और उसे सैन्य कार्रवाई करने के लिए विवश होना पड़ेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि यदि ऐसा होता है, तो ईरान का अस्तित्व पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा.