सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आखिरकार आधी रात को खत्म कर दी है. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात और कुछ अहम आश्वासनों के बाद उन्होंने यह फैसला लिया. सरकार ने 20 जुलाई के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज न करने, पेपर लीक पर संसद में चर्चा और पीड़ित परिवारों को मुआवजे पर विचार करने का भरोसा दिया है.
वांगचुक के अनशन तोड़ने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, जंतर-मंतर पर उनका धरना जारी रहेगा. आधी रात को हुए इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से जानने के लिए वीडियो को अंत तक देखें.