पवित्र शहर पुरी शुक्रवार को 'जय जगन्नाथ' के नारों से भक्तिमय हो उठा. वह इसलिए क्योंकि महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने पवित्र निवास श्रीमंदिर के लिए बहुड़ा यात्रा (वापसी यात्रा) के लिए तैयार हैं. बता दें कि, गुंडिचा मंदिर से श्री जगन्नाथ मंदिर तक भगवान जगन्नाथ की 'बहुड़ा यात्रा' (वापसी यात्रा) शुरू होने पर हजारों भक्त 'पहंडी' रस्म में हिस्सा लेते हैं. आज पवित्र शहर पुरी में बहुड़ा यात्रा की रस्में निभाई गईं. भगवान जगन्नाथ की 'बहुड़ा' रथयात्रा उत्सव आज औपचारिक रूप से शुरू हो गया, जिसमें लाखों भक्तों ने भगवान बलभद्र के 'तलध्वज' के रथ को खींचा. गुंडिचा मंदिर में एक हफ्ते रहने के बाद भाई-बहन देवताओं की दिव्य घर वापसी देखने के लिए हजारों भक्त बड़दंडा (ग्रैंड रोड) पर आने लगे . वापसी यात्रा को एक धार्मिक जुलूस से कहीं ज्यादा माना जाता है. एक सेवक ने कहा, "रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ की श्रीमंदिर से उनकी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर तक की यात्रा को दिखाती है. बहुड़ा यात्रा उनकी वापसी की निशानी है, जिसमें ऐसे रीति-रिवाज होते हैं जो हमारी सदियों पुरानी आस्था को दिखाते हैं."