डेस्क: लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मॉनिटरिंग टीम की 38वीं रिपोर्ट में बड़ा दावा सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले के पीछे अल-कायदा की रीजनल ऑफशूट अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) का हाथ था. रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि आतंकी संगठन सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए छोटे-छोटे सेल्स में काम कर रहे हैं और अब AI व आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बम बनाने, लक्ष्य चुनने और भाषाई अनुवाद जैसे कामों में कर रहे हैं. वहीं ISIL जैसे संगठनों द्वारा जैविक हथियारों की दिशा में बढ़ने पर भी चिंता जताई गई है. इस मामले में NIA की जांच जारी है और अब तक 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है.