संसद का मानसून सत्र समाप्त हो गया. इस दौरान लोकसभा में मात्र एक बिल पर ठीक से चर्चा हुई. अन्य बिलों पर बहस नहीं हो सकी और इसे हंगामे के बीच पारित कर दिया गया. इसको लेकर पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में "अनुचित तरीके से बाधा डालने" के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब सरकार चर्चा करना चाहती थी, तो विपक्ष बहस से "भाग" रहा था. संसद के दोनों सदनों के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, रिजिजू ने कहा कि सरकार संसद में चर्चा के स्तर से खुश नहीं है क्योंकि उत्पादकता बहुत कम रही है. उन्होंने कहा कि लोकसभा में उत्पादकता 19 प्रतिशत और राज्यसभा में 39 प्रतिशत रही. उन्होंने कहा, "पहली बार हमने देखा है कि जब सरकार चर्चा करना चाहती थी, तो विपक्ष संसद में बहस से भाग रहा था. कार्यवाही में अनुचित तरीके से बाधा डालने के लिए पूरी तरह से कांग्रेस जिम्मेदार है." मंत्री ने कहा कि सत्र के दौरान 12 बिल पास किए गए, लेकिन दुख की बात है कि केवल एक बिल पर ही दोनों सदनों में चर्चा हुई.