पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव पार्टी ऑफिस में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ मिला. घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. घटना की सूचना पाकर तुंरत पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. परिवार के सूत्रों के मुताबिक आशीष ने रात को सोने के लिए जाने से पहले अपने परिवार वालों से बातचीत की. सुबह उठने पर परिवार वालों और पड़ोसियों ने देखा कि घर के बगल में बने ऑफिस का दरवाजा बंद था. खिड़की की दरार से झांकने पर उन्हें किसी अनहोनी का एहसास हुआ. तुरंत इसकी सूचना रामपुरहाट पुलिस स्टेशन को सूचना दी गई. अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि सुसाइड नोट में क्या लिखा हुआ था. पुलिस सभी दृष्टिकोणों से घटना की जांच में जुट गई है. वहीं, टीएमसी ने आशीष बनर्जी की मौत के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है.
आशीष बनर्जी ने 2001 से 2026 तक लगातार राज्य विधानसभा में रामपुरहाट का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने ममता बनर्जी सरकार में स्कूल शिक्षा और कृषि जैसे मंत्रालयों का कामकाज संभाला था. उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर रामपुरहाट से चुनाव लड़ा था, लेकिन बीजेपी के ध्रुव साहा से 24 हजार से ज़्यादा वोटों से हार गए थे. चुनाव में हार के बाद वे राजनीति में ज़्यादा सक्रिय नहीं दिखे.
राज्य में टीएमसी की सत्ता जाने के बाद पार्टी के कई पूर्व विधायकों और नेताओं को भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच और गिरफ़्तारी का सामना करना पड़ा. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या बनर्जी ने आत्महत्या की और अगर ऐसा है, तो उन्हें यह कदम उठाने के लिए किस चीज ने मजबूर किया.