दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में पिछले छह दिनों से ठहरा हुआ है, जिससे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून की प्रगति प्रभावित हुई है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार छत्तीसगढ़ में मानसून पहुंचने में 3 से 4 दिन और मध्य प्रदेश में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है. मानसून की धीमी रफ्तार के पीछे समुद्र में नमी की कमी नहीं, बल्कि ऊपरी वायुमंडल में जेट स्ट्रीम का असामान्य पैटर्न जिम्मेदार माना जा रहा है. इस कारण कई राज्यों में गर्मी फिर बढ़ गई है. उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, जबकि राजस्थान, बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई शहरों में पारा 40 डिग्री से ऊपर रहा.